बेनामी संपत्तियों पर शिकंजा कसने के मकसद से आयकर विभाग ने कुछ नए कदम उठाए हैं। जिसके बाद बेनामी लेनदेन या काले धन से संबंधित खास सूचना देनेवालों को आयकर विभाग एक करोड़ रूपये ईनाम के तौर पर दे सकता है। जबकि, पैसा देश से बाहर रखने वालों के खिलाफ जानकारी देने पर यह ईनाम 5 करोड़ रूपये रखी गई है। इनकम टैक्स इन्फॉर्मेन्ट्स रिवॉर्ड स्कीम में भी संशोधन किया गया है जिसमें आयकर पर टैक्स चोरी या भारत में संपत्ति पर टैक्स बचाने के खिलाफ खास सूचना देनेवालों को इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत 50 लाख रूपये ईनाम के रूप में मिल सकता है। सीबीडीटी ने शुक्रवार को इस बात की घोषणा की है कि बेनामी ट्रांजेक्शन इन्फॉर्मेन्ट्स रिवॉर्ड स्कीम, 2018 के अंतर्गत विदेशी समेत कोई भी व्यक्ति ज्वाइंट या एडिशनल कमिश्नर्स को बेनामी लेनदेन या कालेधन के बारे में बता सकता है, जिन पर बेनामी ट्रांजेक्शंस (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2016 के अंतर्गत कार्रवाई बनती हो। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) का कहना है कि इस रिवॉर्ड स्कीम का मकसद आयकर विभाग को बेनामी संपत्ति या लेनदेन या फिर ऐसी...
नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की ऊंची दर में रखने के बावजूद इस पर राज्य सरकारों की ओर से कुछ वैट भी लगाया जा सकता है। अगर ये दोनों ईंधन जीएसटी के अंतर्गत लाए गए तो कुछ ऐसा कर ढांचा देखने को मिल सकता है। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी है। गौरतलब है कि जीएसटी व्यवस्था देशभर में एक जुलाई, 2017 से लागू है। ऐसे में जीएसटी की उच्चतम दर और राज्यों की ओर से लगाया जाने वाला वैट मिलाकर उतना ही कर बैठेगा जितना कि केंद्र सरकार (एक्साइज ड्यूटी) और राज्य सरकारों (वैट) की ओर से लिया जाता है। कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल को अगर जीएसटी के दायरे में लाया भी गया तो भी कीमतें जस की तस रहेंगी, यानी कीमतों में राहत की उम्मीदों पकरक पानी फिर सकता है। अधिकारी ने बताया कि इन दोनों ईंधनों (पेट्रोल एवं डीजल) को जीएसटी के अंतर्गत लाने से पहले केंद्र सरकार को यह तय करना होगा कि क्या वह इन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ न देने से हो रहे 20,000 करोड़ रुपए के राजस्व लाभ को छोड़ने को तैयार है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि पेट्रोल, डी...
A date for filing Income Tax return is nearby. You must be ready with all necessary documents for filing Income tax return. ITR filing is an important exercise and as a taxpayer, you have to be cautious while filing income tax returns. Here is a list of common mistake which taxpayer is likely to make. This year is special when it comes to Income tax. Almost all bank accounts and PAN cards are linked with Aadhaar and rigorous monitoring is taking place as per the Income-tax department. Any mistake related to underreporting of income or inflating deduction/exemptions will lead to heavy penalty including jail. If you want to avoid the unnecessary trouble of income tax here are 15 Income Tax Mistakes you must avoid while filing ITR. Fake Bill of HRA It is observed most of the time that taxpayer produces fake rent receipt or bill to claim HRA. Income tax department has tightened this exemption. This year in ITR form separate section is given asking for tenant PAN number. I...
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